September 23, 2022

राजमाता क्रांति देवी नेत्री जी

Rajkuvar Bai Baghel

देश की स्वाधीनता के लिए जिनका पूरा परिवार ही सहयोगी रहा यहाँ तक की उनके घर का नौकर भी सत्यग्राहियों में शामिल था और वोह भी जेल गया। गाँधी जी के छत्तीसगढ़ आगमन के बाद क्रान्तिकारियो का उत्साह चरम पर था, राजकुंवर बाई बघेल जी के भाई की दुकान पर विरोध प्रदर्शन, शराब की दुकानो के आगे धरना देना, बुलेटिन बाटना विदेशी वस्त्रों को होली में जलाना आदि कामो में आगे रहती थी। उन्हें अपने घर परिवार की कोई परवाह नहीं रहती थी, हमेशा देश की समस्या के तरफ ध्यान रहता था। गाँधी जी ने जब २१ दिन का उपवास किया तो राजकुंवर बाई ने भी १३ दिन का उपवास किया था। वे जुलुस में भी जाती थी और नारा लगाती थी , इंग्लैंड वालो हिंदुस्तान हमारा है का नैरा लगाते समय पुलिस उन्हें पकड़ कर ले गयी। वे दो माह रायपुर जेल में रही फिर राजकुंवर बाई को नागपुर जेल भेज दिया गया जहाँ करीब ६ माह उन्हें बंधी बनाकर रखा गया उन्हें बी ग्रेड जेल में डाला गया था, जहाँ जेल में वे दो वक्त प्राथना करती थी, सूत काटना, और १५ सेर गेहूँ खड़े खड़े पीसना पड़ता था। खाना बहुत ही निम्न स्तर का दिया जाता था। ऐसी संघर्ष भरी कहानी रही राजकुंवर बाई बघेल जी की।